राधिका
मैं जब शादी होकर ससुराल आई , तो मैंने देखा वहां पर मेरी बड़ी ननद का राज चलता है । और हर कोई उन्हीं की बात मानता था , कोई उनके सामने किसी बात पर बहस नहीं करता था । मैंने अपने पति से बात करने की कोशिश की थी , उन्होंने यही कहा कि "वह जो बोले वह काम कर दो बाकी तुम्हें कुछ बोलने की जरूरत नहीं है अगर वह गलत भी बोलेगी तो हां कह देना" मुझे यह समझ में नहीं आता कि ऐसा क्या है कि हर कोई उनसे डरता है कोई भी उनको कोई बोल नही सकता वह रूठ जाती थी, यहां तक की मेरे सास ससुर भी उनकी बातें मानते थे । वह जॉब करती थी। मुझे वह पत्थर दिल लगती थी । वे मुुुझसे ज्यादा बात भी नहीं करती थी । उनका एक रूटिन बना था उसमें कोई भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता था वह 6:00 बजे उठ कर घूमने जााती थी 8:00 बजे उन्हें नाश्ता चाहिए था पेपर के साथ चाय नाश्ता करनेे के बाद 10:00 बजे ऑफिस जाती थी ।ऑफिस से 4:00 बजे वापस आती थी । और आकर आराम कुर्सी पर आराम करती थी शाम को टहलने निकलती थी उसके बाद 9:00 बजे सो जाती थी उनका पूरा रूटीन था और सब काम टाइम टेेेेबल से ही करती थी ।मगर वह वह घर का कोई काम नह...