दस ग्राम श्मशान साथ ले आना चाहिए।
आपने कभी चिता जलते देखी है ? चिता पूरी तरह से जलने में ढाई से तीन घंटे का समय लगता है, यह समय मृत शरीर के वजन, उपयोग की गई लकड़ियों की मात्रा, प्रयोग की गई सामग्री घी आदि और मौसम की स्थिति पर भी निर्भर कर सकता है। शुरुआती समय में चिता के आसपास व्यक्ति की प्रतिष्ठा के अनुसार भीड़ मौजूद रहती है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता जाता है वैसे-वैसे भीड़ कम होती चली जाती है, लोग अपनी उपस्थिति लगाकर अपना चेहरा दिखाकर जाते रहते हैं, अगर अंतिम संस्कार के लिए कई लोग एक साथ किसी दूर के स्थान से, एक ही वाहन (गाड़ी) से आएं हैं तो ऐसे में लोग उपस्थित रहते हैं, क्योंकि उनके पास वापस जाने का कोई साधन नहीं होता, वरना अंत के दस-पंद्रह मिनट तक मुश्किल से तीन-चार लोग ही श्मशान घाट में बचते हैं। अंतिम तीन-चार लोग वो होते हैं जो उस मृत व्यक्ति के एकदम करीबी होते हैं यानी उसका पुत्र, पुत्र ना होने की स्थिति में वह व्यक्ति जो अंतिम संस्कार कर रहा होता है, उसके सगे संबंधी उसके भाई उसके अन्य परिवार के लोग, या फिर वो लोग जिनका उन उपस्थित लोगों से निकटतम संबंध (स्वार्थ) होता है। स्पष्ट शब्दों में कहें तो जिसका मृत व्यक्...