राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हो गया है. मुझे पंद्रह साल पहले का एक वाकया याद आ रहा है
2011 में अन्ना हज़ारे ने जंतर मंतर पर अनशन शुरु किया. देश को लगा भ्रष्टाचार अब जल्द ख़त्म हो जाएगा. हज़ारों की भीड़ जमा हो गई. क्रांति को नाम मिला India Against Corruption. नामी गिरामी एक्टिविस्ट, वकील, बाबा, पत्रकार, एक्टर, कॉमेडियन, आर्टिस्ट और न जाने कौन कौन उसमें शामिल हो गए. मेरी एक मुंहबोली बहन भी उनमें थीं. मैं ख़ुद तो वहाँ कभी नहीं गया. उस दौर में अक्सर बहन के घर मुलाक़ात होती थी. एक दिन उन्होंने मुझे कहा, “अन्ना गांधी हैं और अरविंद नेहरू हैं.” कुछ हफ़्तों बाद आग्रह कर के वो अपनी गाड़ी में मुझे महाराष्ट्र भवन ले गईं. वहाँ एक कमरे में उन्होंने मुझे अन्ना हज़ारे से मिलवाया. उन्होंने अन्ना हज़ारे से मेरे बारे में अच्छी अच्छी बातें कीं. मैं चुप बैठा रहा. फिर अन्ना करवट पलट कर सो गए और हम कमरे से बाहर आ गए. एक दिन मैंने बहन से धीरे से कहा: “मैं आपको एक सुझाव देना चाहता हूँ. आप इस मूवमेंट में अपनी जगह पुख़्ता कर लें. कल ये एक पार्टी बनेगा. आप सेटिंग करके चांदनी चौक से लोकसभा चुनाव का टिकट लें. आपको मुसलमान और हिंदू दोनों वोट देंगे. बस बीजेपी से समझौता करना होगा वो अपना उम्मीदवा...