Posts

Showing posts from April, 2020

अच्छाई लौट कर आती है

ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में फ्लेमिंग नाम का एक गरीब किसान था!  एक दिन वह अपने खेत पर काम कर रहा था। अचानक पास में से किसी के चीखने की आवाज सुनाई पड़ी ! किसान ने अपना साजो सामान व औजार फेंका और तेजी से आवाज की तरफ लपका!  आवाज की दिशा में जाने पर उसने देखा कि एक बच्चा दलदल में डूब रहा था ! वह बालक कमर तक कीचड़ में फंसा हुआ बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा था! वह डर के मारे बुरी तरह कांप पर रहा था और चिल्ला रहा था!  किसान ने आनन-फानन में लंबी टहनी ढूंढी! अपनी जान पर खेलकर उस टहनी के सहारे बच्चे को बाहर निकाला ! अगले दिन उस किसान की छोटी सी झोपड़ी के सामने एक शानदार गाड़ी आकर खड़ी हुई!  उसमें से कीमती वस्त्र पहने हुए एक सज्जन उतरे ! उन्होंने किसान को अपना परिचय देते हुए कहा-  मैं उस बालक का पिता हूं और मेरा नाम राँडॉल्फ चर्चिल है।  फिर उस अमीर राँडाल्फ चर्चिल ने कहा कि वह इस एहसान का बदला चुकाने आए हैं ।  फ्लेमिंग किसान ने उन सज्जन के ऑफर को ठुकरा दिया । उसने कहा, मैंने जो कुछ किया उसके बदले में कोई पैसा नहीं लूंगा।  किसी को बचाना मेरा कर्तव्य...

समय निकाल कर पढ़ें

मिश्रा जी के यहाँ पहला लड़का हुआ तो पत्नी ने कहा बच्चे को गाँव के सरकारी विद्यालय में शिक्षा दिलवाते है, मैं सोच रही हूँ कि  सरकारी विद्यालय में शिक्षा देकर उसे अच्छा नागरीक बनाऊंगी। मिश्रा जी ने पत्नी से कहा अच्छा नागरीक बना कर इसे भूखा मारना है क्या । मैं इसे बड़ा अफसर बनाऊंगा ताकि दुनिया में एक कामयाबी वाला इंसान बने, मिश्रा जी सरकारी बैंक में मैनेजर के पद पर थे ! पत्नी धार्मिक थी और इच्छा थी कि बेटा संसकारी बने, लेकिन मिश्रा जी नहीं माने। दूसरा लड़का हुआ पत्नी ने जिद की, मिश्रा जी इस बार भी ना माने, तीसरा लड़का हुआ पत्नी ने फिर जिद की, लेकिन मिश्रा जी एक ही रट लगाते रहे कहां से खाएगा, कैसे गुजारा करेगा , और नही माने। चौथा लड़का हुआ इस बार पत्नी की जिद के आगे मिश्रा जी हार गए , अंततः उन्होंने  सरकारी विद्यालय में शिक्षा दीक्षा दिलवाने के लिए भेज ही दिया । अब धीरे धीरे समय का चक्र घूमा, अब वो दिन आ गया जब बच्चे अपने पैरों पे मजबूती से खड़े हो गए, पहले तीनों लड़कों ने मेहनत करके सरकारी नौकरियां हासिल कर ली, पहला डॉक्टर, दूसरा बैंक मैनेजर, तीसरा एक गोवरमेंट कंपनी मेें जॉब कर...
Image
विश्व का सबसे अनोखा मुकदमा ,,,, और में ऐसे मुकदमे हर घर मे देखना भी चाहता हूं न्यायालय  में एक मुकद्दमा आया ,जिसने सभी को झकझोर दिया |अदालतों में प्रॉपर्टी विवाद व अन्य पारिवारिक विवाद के केस आते ही रहते हैं|        मगर ये मामला बहुत ही अलग किस्म का था|        एक 70 साल के बूढ़े व्यक्ति ने ,अपने 80 साल के बूढ़े भाई पर मुकद्दमा किया था|     मुकद्दमे का कुछ यूं था कि "मेरा 80 साल का बड़ा भाई ,अब बूढ़ा हो चला है ,इसलिए वह खुद अपना ख्याल भी ठीक से नहीं रख सकता |मगर मेरे मना करने पर भी वह हमारी 110 साल की मां की देखभाल कर रहा है |       मैं अभी ठीक हूं, इसलिए अब मुझे मां की सेवा करने का मौका दिया जाय और मां को मुझे सौंप दिया जाय"।         न्यायाधीश महोदय का दिमाग घूम गया और मुक़दमा भी चर्चा में आ गया| न्यायाधीश महोदय ने दोनों भाइयों को समझाने की कोशिश की कि आप लोग 15-15 दिन रख लो|     मगर कोई टस से मस नहीं हुआ,बड़े भाई का कहना था कि मैं अपने  स्वर्ग को खुद से दूर क्यों होने दूँ |अग...

सत्य परेशान ज़रूर होता है, पर पराजित नहीं होता।

अंतिम सांस गिन रहे जटायु ने कहा कि मुझे पता था कि मैं रावण से नहीं जीत सकता लेकिन तो भी मैं लड़ा ..यदि मैं नहीं लड़ता तो आने वाली पीढियां मुझे कायर कहती  🙏जब रावण ने जटायु के दोनों पंख काट डाले... तो काल आया और जैसे ही काल आया ... तो गिद्धराज जटायु ने मौत को ललकार कहा, -- " खबरदार ! ऐ मृत्यु ! आगे बढ़ने की कोशिश मत करना... मैं मृत्यु को स्वीकार तो करूँगा... लेकिन तू मुझे तब तक नहीं छू सकता... जब तक मैं सीता जी की सुधि प्रभु " *श्रीराम* " को नहीं सुना देता...!  मौत उन्हें छू नहीं पा रही है... काँप रही है खड़ी हो कर...  मौत तब तक खड़ी रही, काँपती रही... यही इच्छा मृत्यु का वरदान जटायु को मिला। किन्तु *महाभारत* के भीष्म पितामह छह महीने तक बाणों की शय्या पर लेट करके मौत का इंतजार करते रहे... आँखों में आँसू हैं ... रो रहे हैं... भगवान मन ही मन मुस्कुरा रहे हैं...! कितना अलौकिक है यह दृश्य ...  *रामायण* में जटायु भगवान की *गोद रूपी शय्या* पर लेटे हैं... प्रभु " *श्रीराम* " रो रहे हैं और जटायु हँस रहे हैं... वहाँ *महाभारत* में भीष्म पितामह रो रहे हैं और भ...