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Showing posts from December, 2020

My Favorite book list (Nonu)

  1) India After Gandhi – Ramchandra Guha 2) Indian Philosophy – Dr S. Radhakrishnan 3) A House for Mr. Vishwas – V.S. Naipaul 4) Oliver Twist – Charles Dickens   5) Hard Times – Charles Dickens 6) The Essays – Francis Bacon 7) Dreams from my Father – Barack Obama 8) War & Peace – Leo Tolstoy 9) The God of Small Things – Arundhati Roy 10) Gora – Rabindranath Tagore 11) Hot Days Long Nights – Nadezda Obradovic 12) The Wind from the Hills – Sethu 13) Reading Gandhi – Kusumlata Chaddha 14) The Argumentative Indian – Dr. Amartya Sen 15) Sherlock Holmes - Arthur Conan Doyle 16) India : An Introduction - Khushwant SIngh  17) Muhammad Ali- Graphic Novel (Campfire)  18) Jonathan Livingston Seagull - Richard Bach 19) William Shakespeare’s The Empire Striketh Back – Ian Doescher 20) Snow - Orhan Pamuk  21) Twenty Love Poems and a Song of Despair : Pablo Neruda  22) The Book Thief - Markus Zusak  23) 1984 - George Orwell ***************Hindi Literature*****...

क्रिसमस की रात और चार्ली चैपलिन की बात

चार्ली ने अपनी नृत्यांगना बेटी को एक मशहूर खत लिखा। कहा- मैं सत्ता के खिलाफ विदूषक रहा, तुम भी गरीबी जानो, मुफलिसी का कारण ढूंढो, इंसान बनो, इंसानों को समझो, जीवन में इंसानियत के लिए कुछ कर जाओ, खिलौने बनना मुझे पसंद नहीं बेटी। मैं सबको हंसा कर रोया हूं, तुम बस हंसते रहना। बूढ़े पिता ने प्रिय बेटी को और भी बहुत कुछ ऐसा लिखा। मेरी प्यारी बेटी, रात का समय है। क्रिसमस की रात। मेरे इस छोटे से घर की सभी निहत्थी लड़ाइयां सो चुकी हैं। तुम्हारे भाई-बहन भी नीद की गोद में हैं। तुम्हारी मां भी सो चुकी है। मैं अधजगा हूं, कमरे में धीमी सी रौशनी है। तुम मुझसे कितनी दूर हो पर यकीन मानो तुम्हारा चेहरा यदि किसी दिन मेरी आंखों के सामने न रहे, उस दिन मैं चाहूंगा कि मैं अंधा हो जाऊं। तुम्हारी फोटो वहां उस मेज पर है और यहां मेरे दिल में भी, पर तुम कहां हो? वहां सपने जैसे भव्य शहर पेरिस में! चैम्प्स एलिसस के शानदार मंच पर नृत्य कर रही हो। इस रात के सन्नाटे में मैं तुम्हारे कदमों की आहट सुन सकता हूं। शरद ऋतु के आकाश में टिमटिमाते तारों की चमक मैं तुम्हारी आंखों में देख सकता हूं। ऐसा लावण्य और इतना सुन्दर नृत...

एक गहरी नदी

 गहरी नदी का बहाव शांत होता है। Indeed Deeper Rivers Flow in Majestic Silence!  करीब 30 वर्ष के अन्तराल के बाद होटल की लाबी मे मेरे एक पुराने मित्र के साथ मुलाकात हुई।  हमेशा से अति साधरण, शांत, शिष्ट, भद्र व विनयी वह मित्र अभी भी देखने मे ठीक वैसा ही दिख रहा था। उसका व्यवहार व आचरण पहले जैसा ही साधारण था। आपसी औपचारिक कुशलक्षेम पूछने के उपरांत मैने प्रस्ताव दिया की मै उसे घर तक अपने गाड़ी मे छोड़ सकता हूं। असल मे घर छोड़ने के बहाने मेरा आग्रह अपनी मर्सिडीज गाड़ी को उसे दिखाने हेतु ज्यादा था।पर उसने धन्यवाद कहकर कहा कि वह अपनी ही गाड़ी से घर जायेगा। पार्किंग लाट मे कुछ देर साथ चलने के बाद वह अपनी एक साधारण गाड़ी से लौट गया। अगले हप्ते मैने उसे अपने घर डिनर पर आमंत्रित किया। वह अपने परिवार के साथ मेरे घर आया। एक बहोत ही आडम्बरहीन मर्यादित परिवार, पर मुझे लगा एक खुशहाल परिवार है। मेरे मन के किसी कोने मे यह उत्कंठा थी कि डिनर के बहाने मै उसे अपने इतनी सुन्दर और आभिजात्यपूर्ण कीमती  व बहुत आरामदेह,  मँहगी और सुंदर विलास की वस्तुओं से भरा हुआ, कीमती साज सज्जा से सुसज...

For Nonu

“More than anything, Keep your humility. Keep your character. Never show off. Always be humble and always respect the elders. That is the thing that is going to take you far. And that is going to give you strength in your work”  Have faith in God, have a good Heart  with dignity, always use ur brain. 

Principle of LML (लोड मत लो) For Nonu

लहरों का आना-जाना स्वाभाविक है। इस बड़ी दुनिया में लहरें आती हैं जाती है, हर लहर आपको गीला करें, आपको सताए.. ऐसी इजाजत उन लहरों को न दें। मतलब हर बात का लोड मत लें।     हम छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाते हैं, मन-मसोस कर बैठ जाते हैं.. हम लोड कब लेते हैं.. कभी मन-पसन्द का खाना नहीं बना। कभी आपको किसी ने नमस्ते नहीं की। कभी किसी ने ज्यादा तेज बोल दिया। कभी किसी ने आपकी तारीफ नहीं की। कुछ नियम जोड़ दिए गए। कोई रिप्लाई नहीं मिला। फोन घर छुट गया। सोशल मीडिया पर लाइक्स नहीं मिले। देर से पहुंचने पर बॉस ने फटकार लगा दी। किसी की प्रतिक्षा के समय.. मौसम के बदलाव से.. किसी न फोन नहीं उठाया। और भी बहुत सी बातें हो सकती हैं.. जिनका आप लोड लेते हों.. उनकी सूची बनाए.. और खुद को बताए कि कौन-सी बात का लोड लेना है.. और किसका नहीं लेना है।        आप कोई झुई_मुई के पौधे नहीं हैं कि आपको किसी ने कुछ बोल दिया, कुछ कह दिया, कुछ कर दिया या कुछ नहीं किया तो आप सिकुड़ गए या फिर फूल गए। छोटी-छोटी बातों का लोड मत लीजिए। जो जीवन को प्रभावित करता हैं उन्हीं बातों का लोड ले, और जब वास्तवि...

दर्जी की तकदीर

      एक बार किसी देश का राजा अपनी प्रजा का हाल-चाल पूछने के लिए गाँवों में घूम रहा था। घूमते-घूमते उसके कुर्ते का बटन टूट गया, उसने अपने मंत्री को कहा कि इस गांव में कौन सा दर्जी है, जो मेरे बटन को सिल सके !  उस गांव में सिर्फ एक ही दर्जी था, जो कपड़े सिलने का काम करता था। उसको राजा के सामने ले जाया गया । राजा ने कहा कि तुम मेरे कुर्ते का बटन सी सकते हो ?   दर्जी ने कहा यह कोई मुश्किल काम थोड़े ही है ! उसने मन्त्री से बटन ले लिया, धागे से उसने राजा के कुर्ते का बटन फौरन टांक दिया। क्योंकि बटन भी राजा का था, सिर्फ उसने अपना धागा प्रयोग किया था, राजा ने दर्जी से पूछा कि कितने पैसे दूं ?   उसने कहा :- "महाराज रहने दो, छोटा सा काम था !" उसने मन में सोचा कि बटन राजा के पास था, उसने तो सिर्फ धागा ही लगाया है !!  राजा ने फिर से दर्जी को कहा कि नहीं-नहीं, बोलो कितने दूं ?   दर्जी ने सोचा की दो रूपये मांग लेता हूँ। फिर मन में यही सोच आ गयी कि कहीं राजा यह न सोचे की बटन टांकने के मेरे से दो रुपये ले रहा है, तो गाँव वालों से कितना लेता होगा, क्योंकि ...

आत्मनिर्भरता

 🌹🌷 आज की कहानी🌹🌷 एक विद्वान किसी गाँव से गुजर रहा था,  उसे याद आया, उसके बचपन का मित्र इस गावँ में है, सोचा मिला जाए ।  मित्र के घर पहुचा, लेकिन देखा, मित्र गरीबी व दरिद्रता में रह रहा है, साथ मे दो नौजवान भाई भी है। बात करते करते शाम हो गयी, विद्वान ने देखा, मित्र के दोनों भाइयों ने घर के पीछे आंगन में फली के पेड़ से कुछ फलियां तोड़ी, और घर के बाहर बेचकर चंद पैसे कमाए और दाल आटा खरीद कर लाये। मात्रा कम थी, तीन भाई व विद्वान के लिए भोजन कम पड़ता,  एक ने उपवास का बहाना बनाया,  एक ने खराब पेट का।  केवल मित्र, विद्वान के साथ भोजन ग्रहण करने बैठा। रात हुई,  विद्वान उलझन में कि मित्र की दरिद्रता कैसे दूर की जाए?, नींद नही आई,  चुपके से उठा, एक कुल्हाड़ी ली और आंगन में जाकर फली का पेड़ काट डाला और रातों रात भाग गया। सुबह होते ही भीड़ जमा हुई, विद्वान की निंदा हरएक ने की, कि तीन भाइयों की रोजी रोटी का एकमात्र सहारा, विद्वान ने एक झटके में खत्म कर डाला, कैसा निर्दयी मित्र था?? तीनो भाइयों की आंखों में आंसू थे। 2-3 बरस बीत गए,  विद्वान को फिर उसी गांव ...

Nonu ke lessons which cannot taught by any book.

एक दिन एक कुम्हार  का गधा कुएँ में गिर गया ।वह गधा घंटों ज़ोर -ज़ोर से रोता रहा और कुम्हार  सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिऐ और क्या नहीं। अंततः उसने निर्णय लिया कि चूंकि गधा काफी बूढा हो चूका था,अतः उसे बचाने से कोई लाभ होने वाला नहीं था;और इसलिए उसे कुएँ में ही दफना देना चाहिऐ। कुम्हार ने अपने सभी पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया। सभी ने एक-एक फावड़ा पकड़ा और कुएँ में मिट्टी डालनी शुरू कर दी। जैसे ही गधे कि समझ में आया कि यह क्या हो रहा है, वह और ज़ोर-ज़ोर से चीख़ चीख़ कर रोने लगा । और फिर ,अचानक वह आश्चर्यजनक रुप से शांत हो गया। सब लोग चुपचाप कुएँ में मिट्टी डालते रहे। तभी कुम्हार ने कुएँ में झाँका तो वह आश्चर्य से सन्न रह गया। अपनी पीठ पर पड़ने वाले हर फावड़े की मिट्टी के साथ वह गधा एक आश्चर्यजनक हरकत कर रहा था। वह हिल-हिल कर उस मिट्टी को नीचे गिरा देता था और फिर एक कदम बढ़ाकर उस पर चढ़ जाता था। जैसे-जैसे कुम्हार  तथा उसके पड़ोसी उस पर फावड़ों से मिट्टी गिराते वैसे -वैसे वह हिल- हिल कर उस मिट्टी को गिरा देता और उस सीढी ऊपर चढ़ आता । जल्दी ही सबको आश्चर...