बुढ़ापा
बुढ़ापा सबको आना है
मुझे आना है आपको आना है
बुढ़ापा जीवन का अंतिम पड़ाव है
यहां से पाप-पुण्य का पड़ाव है
आप बुजुर्गो की सेवा करते हो
आप स्वर्ग में जाते हो
आप बुजुर्गो की सेवा नहीं करते
आप नरक में जाते हो
यहीं से पाप पुण्य का पड़ाव है
बुढ़ापा जीवन बचपन से मिलता जुलता है
अपनों से रूठना बातों-बातों में चिढ़ाना
गुस्सा करना हठी होने लड़ना और झगड़ना
ये बुढ़ापा का स्वभाव है जो हम सब में आता है
आज कई पीढ़ी समझते हैं
हमें बुढ़ापा नहीं आयेगा
हम अमर ही रहेंगे यूं ही रहेगें
हम कभी उनकी तरह नहीं बनेंगे
ऐसे में वे अपने बुजुर्गों को
दर किनार कर रहे हैं और वे
एकांत वासी बनने में मजबूर हो रहे है
आईये उन्हें समझें और उनके साथ रहें
उनका ही दिया आज सब कुछ हमारे लिए हैं
आईये उनको महसूस होनें ना दें वे बुजुर्ग है
उनके दोस्त बन कर उनके अनुभव को सीखें
आईये उन्हें समझें और उनके साथ रहे
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