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Showing posts from August, 2023

Niketan and Yugantika

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 ऊँची शिक्षा, भाग्य और भगवद्भक्ति से कुछ हासिल नहीं होता। अपने व्यवसाय में सफल होने के लिए आपके अंदर कुटिलता पर्याप्त होनी चाहिए। चाहे आप किसी क्षेत्र में हों। बहुत लोग सोचते हैं कि मालिक की चापलूसी से हम हासिल कर लेंगे। नहीं, यह सफल होने सूत्र नहीं है। सफल होने के लिए आपको अपने नाखून पैने करने होंगे।पॉवर बैलेंस करने का सूत्र आपको आना चाहिए।अन्यथा ऊँचे परिवार में पैदा होने, कैम्ब्रिज में पढ़े होने से भी आप सफलता के शिखर पर नहीं पहुँच सकते। सफलता के गुर न कोई सिखा सकता है न कोई चौकड़ी आप को बता सकती है। बस भर्राई हुई आवाज़ में आप भड़ास निकाल सकते हो, रो सकते हो और बड़े आदमी हो तो महफ़िल छोड़ कर जा सकते हो। यह सब मानव सभ्यता की शुरुआत से ही कायरता की निशानी बताया गया है। इसीलिए आप कभी सफल नहीं हो पायेंगे। यह मैंने अपने ख़ुद के अनुभव से पाया और कभी भी शिखर पर नहीं पहुँच सका। मेरा मानना है, कि शिखर पर वही चढ़ते हैं, जो अपने संभावित शत्रुओं का नष्ट करते चलते हैं। सफल होना है तो जीवन पर्यंत अपने दुश्मनों को नष्ट करना सीखो भोलू!

बस यूं ही

कल बड़े लंबे अंतराल के बाद मेरी अपने चाचा जी से बातचीत हुई ,टेलीफोन पर। वह गांव में रहते हैं और मेरी चचेरी बहन और उसका परिवार उनकी देखभाल करते हैं। जैसा कि लगभग हर किसी के साथ होता है ,जीवन के चौथेपन में लोग अपने बचपन और यौवन को ही अधिक याद करते हैं। मेरे चाचा जी ने अपनी किशोरावस्था अवस्था में,जब मेरा बचपन था, तब मुझे बहुत अधिक स्नेह और दुलार दिया है। मेरी बाल क्रीड़ाओं की यादों को वे अक्सर ही मेरे साथ साझा करते हैं, वे सदा से ही अति क्रियाशील, स्नेही और सामाजिक व्यक्ति रहे हैं। बड़ी से बड़ी मुसीबत में मैंने उन्हें कभी उदास, परेशान नहीं देखा है परंतु अब शारीरिक क्षमताओं के घट जाने से गांव में रहते हुए कभी-कभी एकाकी हो उठाते हैं।कल जब उनसे बात हुई तो उन्होंने मेरे अन्य भाई बहनों के दूर चले जाने और संपर्क टूट जाने की पीड़ा को मेरे साथ साझा किया। एक बात जो परिवार के संबंध में उन्होंने बताई वह मेरे दिल को छू गई वही आप सबके साथ सांझा कर रही हूं।  चाचा जी ने कहा कि, परिवार को मुर्गे जैसा मुखिया चाहिए, जो प्रातः काल ही चैतन्य हो और साथ-साथ अपने पूरे परिवार को भी चैतन्य करें। मुर्गेऔर मु...