Niketan and Yugantika
ऊँची शिक्षा, भाग्य और भगवद्भक्ति से कुछ हासिल नहीं होता। अपने व्यवसाय में सफल होने के लिए आपके अंदर कुटिलता पर्याप्त होनी चाहिए। चाहे आप किसी क्षेत्र में हों। बहुत लोग सोचते हैं कि मालिक की चापलूसी से हम हासिल कर लेंगे। नहीं, यह सफल होने सूत्र नहीं है। सफल होने के लिए आपको अपने नाखून पैने करने होंगे।पॉवर बैलेंस करने का सूत्र आपको आना चाहिए।अन्यथा ऊँचे परिवार में पैदा होने, कैम्ब्रिज में पढ़े होने से भी आप सफलता के शिखर पर नहीं पहुँच सकते। सफलता के गुर न कोई सिखा सकता है न कोई चौकड़ी आप को बता सकती है। बस भर्राई हुई आवाज़ में आप भड़ास निकाल सकते हो, रो सकते हो और बड़े आदमी हो तो महफ़िल छोड़ कर जा सकते हो। यह सब मानव सभ्यता की शुरुआत से ही कायरता की निशानी बताया गया है। इसीलिए आप कभी सफल नहीं हो पायेंगे। यह मैंने अपने ख़ुद के अनुभव से पाया और कभी भी शिखर पर नहीं पहुँच सका। मेरा मानना है, कि शिखर पर वही चढ़ते हैं, जो अपने संभावित शत्रुओं का नष्ट करते चलते हैं। सफल होना है तो जीवन पर्यंत अपने दुश्मनों को नष्ट करना सीखो भोलू!