गर्मियों की छुट्टियाँ होने वाली हैं l
गर्मियों की छुट्टियाँ होने वाली हैं l बच्चे
घूमने जाने की ज़िद्द करेंगे l घूमने ज़रूर जाओ l थोड़ा चेंज हो जाता है l पहाड़ों पर जाओ, समुद्र किनारे जाओ, नदियों/झरनों का संगीत सुनने जाओ l
लेकिन एक बात गाँठ बाँध लो l अपनी जान किसी क्रूज वाले या झूले वाले के हाथ में मत दो l किसी रोपवे वाले को तुम्हारे प्राण तार पर मत लटकाने दो l पैराजंपिंग कर के क्यों मरना?
टूरिस्ट प्लेसेज पर इतने सारे थ्रिल डवलप हो गए हैं सब पैसा बनाने के लिए हैं l सुरक्षा मानकों पर एक भी खरा नहीं उतरता l ना इनकी कोई सेफ्टी ऑडिट होती l सब भगवान भरोसे चलता है l
रिलीजियस प्लेसेज पर भूल कर भी मत जाओ l वहाँ सब लुटेरे हैं l लुटेरों के ही भगवान हैं l भगदड़ में दब कर मरने के लिए थोड़े ही मिला है जीवन ? मंदिर के बाऊंसर आपके साथ मार पिटाई करने आपके घर तो आते नहीं l तुम ख़ुद सपरिवार जाते हो मार खाने के लिए… चार चार घंटे लाइन में लगने के लिए l ये सब बिजनेस मॉड्यूल हैं और तुम इनके कस्टमर l इससे ज्यादा कुछ नहीं l
क्रूज़ व्रुज पर मत चढ़ो l राफ्टिंग शाफ़्टिंग मत ही करो l पैरग्लाइडिंग भी रिस्की है l
ऊंचे झूलों पर कभी मत चढ़ो l जान पर खेलकर एडवेंचर स्पोर्ट मत करो l मरना ही है तो तार पर लटक कर क्यों मरना ?
पैसे वाले लोग ही ज्यादा जाते हैं l इसीलिए उनका काम है सिर्फ पैसा बनाना l सवारी अपनी जान की स्वयं ज़िम्मेदार है l
नहीं तो हो सकता अगली बार न्यूज़ आपकी हो l सेफ्टी जैकेट नहीं खुली l माँ की ममता… आख़िरी सांस तक अपने बच्चे को अपनी बाहों में कसकर पकड़े रखा l दो चार दिन सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल वालों को क्लिप मिल जाएगी l इमोशनल ब्लेक मेल कर लाइक बटोरने का खेल है सारा l वरना आपको डूबते देख भी लोग वीडियो बनाते रहेंगे, बचाने कोई नहीं आयेगा l ऐसा भारत देश है मेरा l

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