जाया करो गरीबों की बस्ती में भी कभी-कभी...!!! *कुछ भी नहीं तो शुक्र-ए-खुदा सीख जाओगे....!!!
जिनके पास अपने हैं,
वो अपनो से झगड़ते हैं,
जिनका कोई नहीं अपना,
वो अपनो को तरसते हैं
कल न हम होगे न गिला होगा,
सिर्फ सिनटी हुई यादो का सिलसिला होगा,
जो लम्हें हैं चलो हंसकर बिता ले,
जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा!!
शरीर की सुंदरता महत्वपूर्ण नहीं हैं,
कर्म सुन्दर होने चाहिए,
हमारे विचार हमारी वाणी, व्यवहार, संस्कार और हमारा चरित्र सुंदर होना चाहिये,
जो जीवन में कर्म सुन्दर करता हैं,
वही इंसान दुनिया का सबसे सुंदर शख्स हैं और जमाना भी उनका ही दीवाना हैं....!!
विचार बहता हुआ पानी हैं,
यदि इसमें आप,
गंदगी मिलाएंगे तो वो,
गंदा नाला बन जायेगा!
और सुगंध मिलाएंगे तो फिर,
वही गंगाजल कहलायेगा!!
किसी ने पूछा कि
उम्र और जिंदगी,
में क्या फर्क हैं?
बहुत सुंदर जवाब...
जो अपनो के बिना बीती वो उम्र,
और जो अपनो के साथ बीती वो जिंदगी हैं!!
बदलता वक्त.....
और बदलते लोग.....
किसी के भी नहीं हुआ करते.....!
सच्चा व्यक्ति ना तो नास्तिक होता हैं....
ना ही आस्तिक होता हैं.....
सच्चा व्यक्ति हर समय वास्तविक होता हैं....!!
आँसू न होते जो आँखे इतनी खुबसूरत न होती,
दर्द न होता तो खुशी की कीमत न होती,
अगर मिल जाता सब कुछ केवल चाहने से ही,
तो दुनिया में ऊपर वाले की जरूरत ही न होती!!
गन्ने में जहाँ गाँठ होती हैं, वहाँ रस नहीं होता और जहाँ रस होता हैं वहाँ गाँठ नहीं होती बस जीवन भी ऐसा ही हैं,
यदि मन में किसी के लिए नफरत की गाँठ होगी तो हमारा जीवन भी ऐसा ही हैं यदि मन में किसी के लिए नफरत की गाँठ होगी तो हमारा जीवन भी बिना रस का बन जाएगा जीवन का रस बनाए रखना हो तो नफरत की गाँठ को निकालना ही होगा.... मिलकर चले साथ साथ चलें......!!
सुनीता दुबे
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