अपने आप से मिलने का खूबसूरत समय

 सुबह को एक घण्टा अपने लिए ज़रूर निकालें

घर की छत पर बैठें,

लोगों के मकान देखें,

आसमान में उड़ते परिंदे देखें,


कॉफी या चाय का कप

दोनों हाथ से पकड़ कर हरारत (गर्मी) महसूस करें

अपने लिए वक़्त निकालें,


अपने आपको अना (Ego) से हटा कर अहमियत दें,

ज़िन्दगी की कड़वाहटों को चाय की चुस्कियों के साथ खत्म करें,


और अगर फिर भी सुकून ना मिले

तो उस खाली कप को देखें,

जिस तरह उस कप में दोबारा चाय भरने की गुनजाइश (जगह) है |


इसी तरह आपके अंदर भी ज़िन्दगी और ख़ुशी भरने की गुनजाइश बाकी है,

कोई क्या करता है,

क्या कहता है

इन सब बातों से दूर हो कर

सिर्फ़ अपने आपको देखें,

अपने अंदर की खाली जगहों को भरना सीखें |


खुद को भी कभी महसूस कर लिया करें,

कुछ रौनकें खुद से भी हुआ करती हैं..!






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