इश्तेहार

 अंग्रेज सरकार की तरफ़ से सेना में भर्ती के लिए जारी किया गया यह इश्तेहार उस दौर की हकीकत बयान करता है, जब युवाओं को लालच, इनाम और “इज़्ज़त” के नाम पर फौज में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया जाता था। 🇮🇳📜

इस तस्वीर में एक व्यक्ति की फौज में भर्ती होने से पहले और बाद की स्थिति दिखाकर यह समझाने की कोशिश की गई है कि सेना में जाना तरक़्क़ी और सम्मान का रास्ता है।

🗣️ इश्तेहार में लिखा गया है:

“भाइयों जल्दी चलो, दौड़ो वरना पछताओगे… सरकार बहादुर ने पचास रुपया इनाम के बजाय अब पैंसठ रुपया इनाम कर दिया है। दस रुपया भर्ती होने पर, 40 रुपया पलटन पहुँचने पर और 15 रुपया कवायद पास करने पर मिलेगा। ग्यारह रुपया माहवार तनख्वाह के अलावा हर छह महीने पर 25 रुपया ‘ज़माना-ए-लड़ाई’ के लिए मिलेगा। लाम (मोर्चे) पर जाने पर पाँच रुपया माहवार भत्ता और दिया जाएगा। कपड़ा और खाना हर हालत में मुफ़्त मिलेगा…”

📌 भर्ती की शर्तें:

उम्र 18 से 30 साल, क़द 5 फ़ीट 2 इंच, सीना 32 इंच।

पैदल पलटन और तोपखाने के लिए अलग-अलग जातियों का उल्लेख भी किया गया है।

यह इश्तेहार


उस समय की सामाजिक बनावट, आर्थिक हालात और औपनिवेशिक नीति को साफ़ दिखाता है — कैसे पैसों और सुविधाओं का लालच देकर लोगों को सेना में शामिल किया जाता था। 💂‍♂️💰

इतिहास के ये पन्ने हमें बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर देते हैं… 🤔📖

Comments

Popular posts from this blog

My Favorite book list (Nonu)

इंसान का वज़न हर बार तौलने से नहीं..कई बार बोलने से भी पता चल जाता हैं..!!

ओशो