बीवी रेलवे वाले की... .व्यंग्य का आनंद लें.



हाय राम हमारी किस्मत तो, लगता है एकदम सो गई है;
जबसे मेरी शादी, एक अध्यापक जी से हो गई है।
सुबह 7 बजे घर से निकलें, ढाई बजे आ जाते हैं;
घर पड़े पड़े फिर पूरा दिन वह, मुझपे हुकुम चलाते हैं।
भगवान बनाया क्यों मुझे, एक बीवी टीचिंग वाले की;
अगले जनम मे मुझे बनाना, बीवी रेलवे वाले की।।
और ऊपर से पोसटिंग, हो जाए उनकी रोडसाइड मे;
सच कहती हूँ राज करूँगी, बिना तख़त बिन ताज के।
सुबह के निकले सैँया जी, देर रात घर आएंगे;
बिना किसी झगड़े दंगे, दो पैग लगा सो जाएंगे।
गजब निराली माया होगी, व्हिस्की औ रम के प्याले की;
अगले जनम मे मुझे बनाना, बीवी रेलवे वाले की।।
रेलवे वाले जीवन जीते, पत्नी संग रोमाँस मे;
आधी सैलरी खर्च करें, पत्नी के मेंटिनेन्स मे।
पतिदेव की सर्विस, जैसे जैसे बढ़ती जायेगी;
सच कहती हूँ सुंदरता, मेरी और निखरती जायेगी।
परवाह नहीं बनाना मुझको, गोरे की या काले की;
अगले जनम मे मुझे बनाना, बीवी रेलवे वाले की।।
जितने भी हैं शौक मेरे, मैं सब पूरे करवाऊंगी;
GM न जब तक बन जाएं, नौकरी तब तक करवाऊंगी।
इससे पहले अगर नौकरी, छोड़ने की करेंगे बात;
सच कहती हूँ मेरे हाथ के, थप्पड़ खाएंगे दिन रात।
मार मार फिट कर दूंगी, बुद्धी सही मतवाले की;
अगले जनम मे मुझे बनाना, बीवी रेलवे वाले की।।
जब मेरा जी ना चाहे, मै खाना नही बनाऊँगी;
पतिदेव से कहके, खाना होटल से मंगवाऊँगी।
बैठके पीछे बाईक पर, हर हफ्ते पिक्चर जाऊँगी,
जीन्स टाॅप सब ब्रैण्डेड सैण्डल, पैंट पहन इतराऊँगी।
शकल देखना चाहूं न मै, साड़ी शाॅल दुशाले की;
अगले जनम मे मुझे बनाना, बीवी रेलवे वाले की।।
रेल वाले हद से ज्यादा, बीवी की केयर करते हैं;
बड़े बड़े अफसर तक भी, अपनी बीवीजी से डरते हैं।
कभी कभी गलती से ही, बीवी पर गुस्सा खाते हैं;
थोडा आँख दिखा दो तो, तुरंत ही घबरा जाते हैं।
बत्ती गुल हो जाती है, अच्छे अच्छे किस्मत वाले की;
अगले जनम मे मुझे बनाना, बीवी रेलवे वाले की।।
पर अगले जनम तक इन्तज़ार, करना भी मुश्किल हो जायेगा;
रेलवे वालों की खातिर, यह दिल पागल ही हो जायेगा।
अगर इसी जनम मे मिल जाए, कोई रेल वाला इस साधक को;
सच कहती हूँ छोड़ भगूंगी, इस पगले अध्यापक को।
परवाह नहीं बनाना मुझको, गोरे की या काले की;
अगले जनम मे मुझे , बीवी बनाना रेलवे वाले की।।
अगले जनम मे मुझे बनाना, बीवी रेलवे वाले की ।।

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