*एक कटु सच्चाई, समाज की आंखे खोलती दो काल्पनिक पत्र, जो कि आगामी दिनों में सत्य प्रतीत होगा*
अवश्य पढ़े
आज मार्केट की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के मद्देनजर
*पहला पत्र*
*आदरणीय महानुभाव*
*आपके के यहां विवाह में आना हुआ* ,
*आपने भोजन में नाना प्रकार के विभिन्न प्रदेशों के 100 से अधिक व्यंजन रखे थे । यह भी सुना कि आपने देश के सुप्रसिद्ध केटरिंग वालों को 2,000 से 2,500/- प्रति प्लेट से अनुबंध किया हैं*
*खाने के इतने सारे काउंटर देखकर सभी की आँख फटी रह गयी । chinese, साउथ इंडियन, इटालियन , मैक्सिकन, पंजाबी,राजस्थानी,गुजराती , थाई फूड इसके अलावा आपने आइस क्रीम, बर्फ के गोले, विभिन्न फ्लेवर वाले पान के स्टाल और 25-30 तरह की मिठाई काउंटर भी लगाए थे।*
*भाईसाहब, क्षमा करना पिछले कुछ दिनों से मैं और परिवार वाले अक्सर घर से ही खाना खाकर जाते हैं , अतः आपने जो इतनी महंगी और भव्य भोजन व्यवस्था की उसका मैं लाभ नहीं ले सका।*
*आपको बुरा न लगे तो एक बात पूछना चाहता हूं , इतनी महंगी और आलीशान भोजन व्यवस्था किसके लिए की ? आपकी प्रतिष्ठा और हैसियत समाज में पहले ही काफी अच्छी हैं ।*
*आपका निश्चित तौर पर पर उद्देश्य लोगों को उनकी मनपसन्द चीजे खिलाने के रहा होगा परन्तु उस दिन शादी का मुख्य सावा होने से सभी मेहमानों को कई समारोह में जाना था। मेरा अनुमान हैं कि आपको हजारों किलो खाना शायद कूड़े में फेंकना पड़ा होगा*
*आपकी इस भोजन व्यवस्था में लगभग 25से 30 लाख तो सिर्फ भोजन के लगे , लॉन के 5 लाख और टेंट के 10 लाख और महिला संगीत में लगभग 10 से 15 लाख और कपड़े गहने आदि पर 20 -25 लाख याने टोटल 75 से 95 लाख खर्च किये।*
*प्रतीत होता हैं कि आपने व्यवसाय में इस वर्ष काफी अच्छा प्रॉफिट अर्जित किया होगा, तभी तो आप इतना खर्च कर पाये*
*6 महीने बाद एक और पत्र उन्ही महाशय को*
👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
*आदरणीय महानुभाव*
*आज मार्केट में आपके बारे में चर्चा सुनी, रहा नही गया सोचा आपसे ही सीधे बात की जाए*
*सुना तो यह भी हैं आप मार्केट की हुंडियों के पैसे नहीं दे पा रहे और बैंक वाले भी आपके मकान और दुकान की नीलामी कर रहे हैं।*
*फिर इतना दिखावा क्यों किया आपने ? आपके व्यवसाय और ब्याज के पैसे को आपने शादी में खर्च करके स्वयं को आर्थिक संकट वाली स्थिति में क्यों धकेल दिया ? हम तो समझे थे आपने इन सालों में खूब पैसा कमाया हैं परंतु हमारा अनुमान तो गलत निकला*
*दोस्तों*
*ऊपर व्यक्त किये गए दोनों पत्र काल्पनिक हैं* ,
*परन्तु आज हम दिखावे की जिस दोड़ में शामिल हैं ,कल यह एक कटु सच्चाई किसी के साथ भी घटित हो सकती हैं। आपकी साख ज्यादा खर्च करने से नहीं बल्कि सोच समझकर सही जगह सही राशि खर्च करने से कायम रहेगी*
Comments
Post a Comment