बेटियां
मां बाप के हिस्से में,
कब आती हैं बेटियां...
संस्कारों के बोझ उठाए,
कुछ तौर-तरीकों में;
बेकार उलझे रिवाजों,
कुछ पुराने सलीकों में...
रिश्तेदारों की उम्मीदों,
दुनिया के उसूलों में;
पैदा होने से पहले,
बंट जाती हैं बेटियां...
मां बाप के हिस्से में
कब आती हैं बेटियां...
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