तुम्हें लिखना
तुम्हें लिखना हमेशा तुमसे प्यार करने से
ज़्यादा आसान रहा मेरे लिए।
इसकी सबसे बड़ी और
सरल वजह ये रही कि -तुमसे प्यार करने में मुझे तुमपर निर्भर रहकर
तुम्हारी अपेक्षा करनी पड़ती है!
मैं उम्मीदों में उलझा रहता हूँ कि -
जब तुमने अपने हाथों में
मेहंदी लगाई तो उसमें
मेरे नाम का पहला अक्षर पिरोया या नहीं
या
जब कभी मैंने
मर जाने की बात कही
तो तुमने मेरे होंठ पर
उँगली रखी या नहीं!
मुझे लगता है प्यार के नशे में धुत्त रहना वाला इंसान
मृत्यु पर सिर्फ़ पढ़ सकता है - लिख नहीं सकता,
क्यूँकि जब जब वो ख़ुद के मरने पर लिखेगा
तो एक उँगली हमेशा आकर शांत करा देगी!
मैं अब सब कुछ लिख सकता हूँ क्यूँकि
ना अब मुझे किसी से प्रेम है
ना ही कोई उँगली मेरे होंठों तक पहुँच पाती है! 🥀

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