मेहमान क्यों नहीं आते ,,, ?


एक वक्त था,जब मेहमान दो दो ,तीन तीन महीने घर में रह कर जाते थे, अब वो मेहमान क्यों नहीं आते ,,,!


सोच सिकुड़ गई , रिश्ते बिगड़ गए ,लोग खुदगर्ज हो गए,, भाई भाई का नहीं , बहन बहन की नहीं ,,, 


क्या इसे तरक्की कहते हैं , मेरी समझ में तो ऐसी तरक्की नहीं आती ।।


कहते हैं ___ " मेहमान भगवान होता ,, यह हकीकत है कि मेहमान के साथ घर में बरकत आती है , और मेहमान अपने पैरों के साथ घर की परेशानियां ले जाता है ।"


इतना अच्छा होने पर भी लोग मेहमान के आने से परेशान होते हैं ।


सोच बदलिए और रिश्तों की कद्र कीजिए ,,,,किसी को नहीं पता कौन कब आख़िरी सांस ले ले ।


किसी के जाने के बाद आंसू बहाने से अच्छा है उससे मिला करिए ,, कुछ खट्टे मीठे ख्याल आपस में बांटा कीजिए ,, हँसा कीजिए ,,,


स्वागत कीजिए मेहमान का ,,,,, नही आते तो उन्हें दावत देकर बुलाइए ,,, फिर देखिए ,,,खुशियां ही खुशियां आपके आस पास रहेंगी



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