परीक्षा के बाद विद्यार्थी की स्थिति

 

                     

  सोच रहा है छात्र बेचारा , 

 क्या होगा परिणाम हमारा ? 

 परीक्षा तो मैंने मन से दी थी , 

 लेकिन पढ़ाई कुछ न की थी ।। 


           कुछ पेपर से प्रश्न ही लिख दिए , 

           कुछ के उत्तर ठीक लिख दिए । 

           कुछ के ताक _ झाँक के , 

           कुछ के उत्तर पूछ _ पाछ के ।। 


थोड़ी सी मेहनत की होती , 

चमक उठता किस्मत का सितारा । 

सोच रहा है छात्र बेचारा , 

क्या होगा परिणा हमारा ? 


           स्कूल पहुँच कर रोज सवेरे , 

           कक्षाओं के लेते फेरे । 

           दिन भर देखे हँसते चेहरे , 

           कहते सभी दोसात हो मेरे ।। 


आठों कालांश व्यतीत हो गए , 

लेकिन उसमें कुछ ना सीखे । 

घर पहुंचे तो बहुत थक गए , 

माँ से बोले दिन भर पढ़के ।। 


             प्यार करती माँ ढेर सारा , 

              रोशन करेगा नाम हमारा । 

              सोच रहा है छात्र बेचारा , 

               क्या होगा परिणाम हमारा ? 


हिन्दी में व्याकरण कठिन है , 

अंग्रेजी की शब्दावली बहुत है । 

गणित में गणना करते _ करते , 

रसायन के समीकरण जटिल हैं ।। 


              भौतिक की वो विदयुत धारा , 

               समझ न आया खेल ये सारा । 

               सोच रहा है छात्र बेचारा , 

                क्या होगा परिणाम हमारा ? 


कुछ दिन में परिणाम आएगा , 

बेटा मेरा टॉप करेगा । 

डॉक्टर या इंजीनियर बनेगा , 

सोच रहा है पिता बेचारा ।। 


                  कैसे सपना पूरा होगा , 

                  क्या होगा संसार हमारा ? 

                  सोच रहा है छात्र बेचारा , 

                   क्या होगा परिणाम हमारा ? 


             

          

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