हम छोटे शहरों के छोटे लोग

 हम छोटे शहरों के छोटे लोग

कभी बड़े नहीं होते !

राशन, बिजली , पानी,

मोबाइल के बिल

चाहे जितने बड़े हो जाएं

हम बड़े नहीं होते !

हो जाएं अनगिनत 

मल्टीस्टोरी फ्लैट्स

फूड कोर्ट में दुकानें

कितनी ही गाड़ियां

बड़ी हो जाएं,

हमारी प्रापर्टीज़

लेकिन हम बड़े नहीं होते !

हम नहीं खेलते बिलियर्डस,स्नूकर 

नहीं जाते पब डिस्को,

करते नहीं छुट्टियों में 

बड़े बड़े वर्ल्ड टूर

हमें पसंद होता है बतियाना 

तब भी अम्मा के छोटे ,भिंचे से

अस्तव्यस्त कमरे में ,

खाते हैं हम मूंगफली 

और छोटे चाचा के हाथों पिसी 

लहसुन नमक मिर्च की चटनी 

देखते हैं एलबम छुटकी की शादी की 

और ढूंढते हैं खुद को

ब्लैक एंड व्हाईट किसी 

छोटी सी ग्रुप फोटो में !

हम छोटे से शहरों के छोटे लोग

बड़े होने, दिखने और रहने में 

अंतर करना जानते हैं !

हम डैस्टिनेशन वैडिंग नहीं करते,

हम डैस्टिनेशन लिविंग करते हैं!

हम छोटे शहरों के छोटे लोग 

न्यूटैला का छुईमुई डिब्बा नहीं 

घर के निकले देसी घी से भरा

चीनी मिट्टी का बड़ा सा मर्तबान होते हैं!

हम छोटे शहरों के छोटे लोग

कभी बड़े नहीं होते!

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