स्त्री

बचपन मे बाहर इसलिए नही खेले थे क्योंकि

बच्चे पकड़ने वाली गाड़ी हमे उठा ले जाती

और अब जब सारी बात मान कर बड़े हुए

तो माँ खुद हमे घर से भेजना चाहती है ।


स्त्री


Comments

Popular posts from this blog

मेरे बेटे

"कच्ची नीम की निम्बौरी सावन जल्दी अईयो रे.........''

ऐसे तो नहीं चलेगा न।